कोरोना का समय हम सभी के लिये बहुत ज्यादा कठिन था | लेकिन सोचिये सूतिकागृह जैसा अस्पताल जहाँ हर दिन कई जच्चा और बच्चों की देखभाल करनी होती थी, ऐसे समय पर किस परिस्थिती में होगा |लेकिन जबलपुर सूतिकागृह के कोरोना के सभी नियमों का पालन करते हुए एक मिसाल पेश की है |
सूतिकागृह में सोशल डिस्टंसिंग का अच्छे से पालन किया गया | अस्पताल को हर कुछ घंटों में सॅनेटाइज किया जाता था | पूरा कर्मचारी वर्ग हर वक्त डबल मास्क पहनें मरीजों की सेवा कर रहा था | डॉक्टर्स और नर्सेस पीपीई किट पहनें, मास्क लगाए अपना काम कर रहे थे |
भर्ती महिलाओं के साथ आने वाले परिवारजनों की व्यवस्था अस्पताल के आंगन में थी, यहाँ भी सोशल डिस्टेंसिंग का पालन किया जा रहा था, साथ ही परिवारजनों को धूप से बचाने के लिये शेड भी लगाया गया था |
पूरे कोरोना काल में जब पूरी दुनिया ठप्प पडी थी, सूतिकागृह निरंतर कार्यरत था | सभी नियमों का पालन करते हुए, स्वच्छता का पूर्ण खयाल रखते हुए और भर्ती महिलाओं और उनके परिवारजनों का ध्यान रखते हुए सूतिकागृह ने एक मिसाल पेश की है